51 Intezaar Shayari in Hindi | Raat Bhar Intezaar Shayari

Intezaar Shayari in Hindi: इन्तजार शायरी इन हिंदी: Raat Bhar Intezaar Shayari is a special collection of romantic shayari for your loved ones. Dedicated to the special bond of love between couples, this shayari will surely touch your heart and bring tears to your eyes. If you are in love, then this is the perfect collection for you.

इंतज़ार कही प्रकार का होताहै, जैसे किसीके कॉल का इंतज़ार, किसीको मिलनेका इंतज़ार, रात भर इंतज़ार, शाम का इंतज़ार, रूठने मानाने का इंतज़ार, निगाहें मिलाने का इंतज़ार, बात करने का मौका मिलने का इंतज़ा।

Aaj raat bhar intezaar kar raha hoon,

Tera intezaar mein ro ro ke soyenge.

Yahi to hai meri zindagi,

Kabhi aana kabhi jaana, tera intezaar mein.

Raat Bhar Intezaar Shayari

आँखों ने जर्रे-जर्रे पर सजदे लुटाये हैं,क्या जाने जा छुपा मेरा पर्दानशीं कहाँ।

आइये जानतेहै किसकिस प्रकारका इन्तजार शायरी हमें पढ़ने को मिलती है।

तुम आये हो ना शब्-ए-इंतज़ार गुज़री हैतलाश में है सहर बार-बार गुज़री है।

ये जो पत्थर है आदमी था कभी,इस को कहते हैं इंतज़ार मियां।

Intezaar Shayari In Hindi! Raat Bhar Intezaar Shayari | raat bhar intezaar shayari
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किसी उदास मौसम में, मेरी आँखों पे वो हाथ रख दे अपना,और हस्ती हुई कह दे, पहचान लो तो हम तुम्हारेना पहचानो तो तुम हुमारे..

समंदर सिमट रहा खुद ही मेंलगता है अधूरा रहा उसका इंतजार…

तोहमतों से रही रफ़ाक़त जो अपनी बचपने सेअक्ल की दाढ़ का हमने कभी इंतज़ार न किया।   

दिल के सागर में लहरें उठाया ना करो,ख्वाब बनकर नींद चुराया न करो,बहुत चोट लगती है मेरे दिल को,तुम ख़्वाबों में आ कर यूँ तड़पाया न करो!!

मुकामे पाकिजगी से होकर जब भी गुजरे,मेरी दागदारियाँ मिटती गयी तेरी चाहत में…

मेरे पीठ पर जो ज़ख्म हैं,वो अपनों की निशानी हैवर्ना सीना तो आज भी दुश्मनों के इंतेज़ार में बैठा है।

Intezaar Shayari In Hindi For Girlfriend

इशक के दरद ही कुछ ऐसे हैं… लोग जान दे देते हैं मगर इंतजार नहीं करते।।

हर आहट पर साँसें लेने लगता है,इंतज़ार भी भला कभी मरता है। 

इंतजार ही इंतजार है इश्क बड़ा पेचीदाकारोबार है., साहब…..

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Intezar Shayari In Hindi For Girlfriend  

वो समझे या ना समझे मेरे जज्बात कोमुझे तो मानना पड़ेगा उनकी हर बात कोहम तो चले जायेंगे दुनिया से एक दिनमगर देख लेना वो सोंएगे अकेले हर रात को ।

जब कभी फुर्सत मिले मेरे दिल का बोझ उतार दो,मैं बहुत दिनों से उदास हूँ मुझे कोई शाम उधार दो।

लुत्फ़ जो उस के इंतज़ार में हैवो कहाँ मौसम-ए-बहार में है !!

इश्क़ में इंतज़ार की हद नहीं होतीबस सुबह कहीं होती शाम कहीं होत।

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मोहब्बत करने चला है, तो कुछ अदब भी सीख लेना ऐ दोस्त…इसमें हंसते साथ हैं, पर रोना अकेले ही पड़ता है….

आप और आपकी हर बात मेरे लिए ख़ास है,यही शायद प्यार का पहला एहसास है।

अजब चिराग हूँ दिन-रात जलता रहता हूँ,थक गया हूँ मैं हवा से कहो बुझाए मुझे।

Aapka Intezaar Shayari In Hindi

वो न आएगा हमें मालूम था इस शाम भी,इंतज़ार उस का मगर कुछ सोच कर करते रहे।

आप करीब ही न आये इज़हार क्या करते,हम खुद बने निशाना तो शिकार क्या करते,साँसे साथ छोड़ गयीं पर खुली रखी आँखें,इस से ज्यादा किसी का इंतज़ार क्या करते।

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उन के खत की आरज़ू है उन के आमद का ख़यालकिस क़दर फैला हुआ है कारोबार-ए-इंतज़ार 

मरने के बाद भी मेरी आँखें खुली रहे आदत जो पढ़ गयी थी तेरे इंतजार की. 

जो चिराग सारे बुझा चुके उन्हें इंतजार कहाँ रहा ये सुकून का दौर-ऐ शदीद है कोई बेक़रार कहाँ रहा

हालात कह रहे हैं मुलाकात नहीं मुमकिन,उम्मीद कह रही है थोड़ा इंतज़ार कर।

Intezaar Shayari In Hindi Status

आँखों के इंतज़ार का दे कर हुनर चला गया,चाहा था एक शख़्स को जाने किधर चला गया,दिन की वो महफिलें गईं रातों के रतजगे गए,कोई समेट कर मेरे शाम-ओ-सहर चला गया।

अब कौन मुंतज़िर है हमारे लिए वहाँ शाम आ गई है लौट के घर जाएँ हम तो क्या |

ता फिर ना इंतज़ार में नींद आये उम्र भरआने का अहद कर गए आये जो ख्वाब में

तेरे इंतज़ार मैं लफ्ज़ ख़तम हो गए लिखने के लिए,मेरे इश्क़ पे खामोशी सी छायी है तेरे इंतज़ार मैं..

किस्मत से अपनी सबको शिकायत क्यों है?जो नहीं मिल सकता उसी से मुहब्बत क्यों है?कितने खायें है धोखे इन राहों में!फिर भी दिल को उसी का इंतजार क्यों है?

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फासलों से इंतज़ार बढा करता है, इंतज़ार से प्यार बढ़ा करता ह,सारी ज़िन्दगी ख़ुदा से सजदा करो, तब जाके तुम्हारे जैसा यार मिलता है.

हमने दिल दिया, यह तुमपे ऐतबार की हद थी,इश्क़ किया ये हमारे ऐतबार की हद थी,हम मर गए पर खुली रही आँखें, ये मेरे इंतज़ार की हद थी.

भले ही राह चलतों का दामन थाम ले,मगर मेरे प्यार को भी तू पहचान ले,कितना इंतज़ार किया है तेरे इश्क़ में,ज़रा यह दिल की बेताबी तू भी जान ले।

उनके खत की आरज़ू है उनकी आमद का ख्याल किस कदर फैला है कारोबार -ऐ -इंतजार

Intezaar Shayari in Hindi

बजाय सीने के आँखों में दिल धड़कता है,ये इंतज़ार के लम्हे अज़ीब होते हैं !!

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हमने ये शाम चिरागों से सजा रखी है,आपके इंतजार में पलके बिछा रखी हैं,हवा टकरा रही है शमा से बार-बार,और हमने शर्त इन हवाओं से लगा रखी है।

आरज़ू वस्ल की रखती है परेशाँ क्या क्या,क्या बताऊँ कि मेरे दिल में हैं अरमाँ क्या क्या,ग़म अज़ीज़ों का हसीनों की जुदाई देखी,देखें दिखलाए अभी गर्दिश-ए-दौराँ क्या क्या।

इंतज़ार रहता है हर शाम तेरा, रातें कटती है लेके नाम तेरा, मुदत से बैठा हु ये आस पाले,कल आएगा कोई पैग़ाम तेरा.

मोहब्बत खुद बताती है, कहाँ किसका ठिकाना है,किसे ऑखों में रखना है, किसे दिल मे बसाना है।

सुबह हुइ तो आँखें ऐसे नींद से बोझिल थी, जैसे कोई जाग रहा था मुझ में सारी रात

आज की रात कुछ ख़ास है, कहो तो मांग लू तुम्हे, कहते हैं के आज की रात दुआएं क़बूल होती हैं

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रात सारी गुज़र जाती है इन्हीं हिसाबों में, उसे मोहब्बत थी…?नहीं थी…? है…?नहीं है….?

हर तन्हा रात में इंतज़ार है उस शख़्स का जो कभी कहा करता था. तुमसे बात न करूँ तो रात भर नींद नहीं आती

मेरी आँखों में छुपी उदासी को महसूस तो कर, हम वह हैं जो सब को हंसा कर रात भर रोते हैं

फ़िक्र सोती थी चैन से पहले, अब मुझे रात भर जगाती है

रात सारी तड़पते रहेंगे हम अब, आज फिर ख़त तेरे पढ़ लिए शाम को

रात की तन्हाई में तो हर कोई याद कर लेता है, ऐ दोस्त, सुबह उठते ही जो याद आये मोहब्बत उसको कहते है

मैं फिर एक हंसती हुई सुबह उसे लाकर दूँ, वो रात मेरी याद में गुजारे तो सही

आज की रात भी तन्हा ही कटी, आज के दिन भी अंधेरा होगा

अभी रात कुछ है बाक़ी न उठा नक़ाब साक़ी, तिरा रिंद गिरते गिरते कहीं फिर सँभल न जाए

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